Web Stories

भारतीय डाक विभाग ने उनके सम्मान में दो टिकट जारी किए हैं. 

रानी अवंतीबाई लोधी भारत की पहली वीरांगना थीं. वे एक स्वतंत्रता सेनानी और शहीद थीं. उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी.

उनका जन्म 16 अगस्त, 1831 को मध्य प्रदेश के सिवनी ज़िले के मनकेहणी गांव में हुआ था.

उनके पिता का नाम राव जुझार सिंह और मां का नाम कृष्णा बाई था.

उन्होंने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक युद्ध लड़ा था.

उनकी समाधि मध्य प्रदेश के डिंडौरी ज़िले के बालपुर में है.

भारतीय डाक विभाग ने उनके सम्मान में दो टिकट जारी किए हैं.

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण ने जबलपुर में बरगी बांध परियोजना के एक हिस्से का नाम उनके नाम पर रखा है.

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में उनकी कहानी शामिल है.

रानी अवंती बाई लोधी (जन्म 16 अगस्त 1831) एक भारतीय महिला थी,जो स्वतंत्रता सेनानी और प्रथम शहीद वीरांगना थीं। यह मध्य प्रदेश में रामगढ़ राज परिवार की महिला नायिका थीं।

जबलपुर के रामगढ़ की रानी अवंतीबाई ने 20 मार्च को आत्मबलिदान देकर दुनिया को अलविदा कह दिया. इस वीरांगना का देश की स्वतंत्रता में बड़ा योगदान रहा है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button