झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, जिन्हें “वीरांगना” के नाम से जाना जाता है,

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, जिन्हें “वीरांगना” के नाम से जाना जाता है, 1857 की क्रांति की एक महत्वपूर्ण नायिका थीं, जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी और वीरगति प्राप्त की.
रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1828 को बनारस (वाराणसी) में हुआ था. उनका बचपन का नाम मणिकर्णिका था, और लोग उन्हें प्यार से “मनु” बुलाते थे.
1857 की क्रांति के दौरान, उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ डटकर लड़ाई लड़ी और अपने राज्य की रक्षा के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया.
सुभद्रा कुमारी चौहान ने रानी लक्ष्मीबाई पर एक प्रसिद्ध कविता लिखी, “खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी”.
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और कहा कि रानी लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय नायिका हैं.
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि 1857 की लड़ाई को नहीं भूला जा सकता.
हाल ही में दिल्ली के शाही ईदगाह पार्क के पास रानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति स्थापित की गई.
1842 में उनकी शादी झाँसी के महाराजा गंगाधर राव से हुई, जिसके बाद वे झाँसी की रानी बन गईं. दिल्ली में रानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति लगाने को लेकर विवाद हुआ था.
रानी लक्ष्मीबाई (जन्म: 19 नवम्बर 1828 – मृत्यु: 18 जून 1858) मराठा शासित झाँसी राज्य की रानी और 1857 की राज्यक्रान्ति की द्वितीय शहीद वीरांगना थीं।
