Web Stories

रामानुजन का निधन 32 वर्ष की उम्र में हो गया था. 

रामानुजन का निधन 32 वर्ष की उम्र में हो गया था.

अपनी इस छोटी सी उम्र तक उन्होंने दुनिया को लगभग 3900 से अधिक गणितीय सूत्र दिए थे,

जो आज भी गणितीय अनुसंधान और प्रौद्योगिकी में इस्तेमाल किए जाते हैं.

उनका सबसे प्रसिद्ध और व्यावहारिक उपयोग में आने वाला सूत्र पाई (π) से जुड़ा हुआ है.

National Mathematics Day 2024: भारत के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन ने 32 साल की जिंदगी में गणित में ऐसी-ऐसी खोजें कीं, जिनको समझने में गणितज्ञों को सालों लग गए.

22 दिसम्बर को उनकी जयंती को राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है. आइए जान लेते हैं

कि कक्षा 12 में दो बार फेल होने वाले श्रीनिवास रामानुजन महान गणितज्ञ कैसे बने और अनंत के फॉर्मूले की खोज कर डाली?

तमिलनाडु के इरोड में श्रीनिवास रामानुजन का जन्म 22 दिसंबर 1887 को एक तमिल ब्राह्मण (आयंगर) परिवार में हुआ था. उन्होंने कुंभकोणम के सरकारी स्कूल से शिक्षा हासिल की. हालांकि, गणित के अलावा दूसरे विषयों में रुचि नहीं होने के कारण वह 12वीं की परीक्षा में दो-दो बार फेल हो गए. आज कुंभकोणम का वह स्कूल रामानुजन के नाम पर है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button