मन्ना डे…..वो नायाब हीरा, जिन्होंने इंडिया सिनेमा में संगीत का एक नया अध्याय जोड़ा था।
मन्ना डे…..वो नायाब हीरा, जिन्होंने इंडिया सिनेमा में संगीत का एक नया अध्याय जोड़ा था।
पद्मश्री, पद्म भूषण और दादा साहेब फाल्के अवाॅर्ड से नवाजे गए मन्ना दा की आज 9वीं पुण्यतिथि है।
जिदंगी कैसी है पहेली हाय और ये रात भीगी भीगी जैसे एवरग्रीन गानों को मन्ना दा ने ही अपनी आवाज दी है।
शास्त्रीय संगीत में परांगत होने के बावजूद जहां उनकी गायकी को कुछ लोगों ने नकारा तो वहीं टाइपकास्ट होने पर ये कभी ए-लिस्टर सिंगर नहीं बन सके। करियर का एक बुरा दौर ऐसा भी रहा जब इन्हें गाने नहीं मिला करते थे।
कभी इन्हें राज कपूर की सिफारिश पर गाने मिले, तो वहीं कामयाबी से भरा एक दौर ऐसा भी आया कि किशोर कुमार जैसे आला सिंगर को इनकी जिद के आगे झुकना पड़ा।
मन्ना डे का जन्म 1 मई 1919 को कलकत्ता में एक बंगाली परिवार में हुआ था।
बचपन से ही मन्ना डे मां-बाप से ज्यादा अपने चाचा संगीताचार्य कृष्ण चंद्र डे से प्रेरित रहते थे।
उनके चाचा शास्त्रीय संगीत में पारंगत थे और इसी वजह से मन्ना डे का भी झुकाव संगीत की तरफ बचपन से था।
मन्ना डे के पिताजी का सपना था कि वो वकील बने क्योंकि घर में डॉक्टर भी थे और इंजीनियर भी।
पर इधर मन्ना डे पहले से ही संगीत में पूरी तरह से रम चुके थे।
कॉलेज के दिनों से ही मन्ना डे अपने दोस्तों के साथ क्लास के पीछे के बेंच पर बैठ जाते थे।
फिर बेंच पे खूब ताल दे देकर गाते थे।
इस बारे में जब कॉलेज के प्रिंसिपल को पता चला तो डांटने के बजाय उन्होंने उन लोगों को बहुत सपोर्ट किय। मन्ना डे के कोलकाता घर पर संगीत के सारे महारथी आते थे। उनके चाचा उन्हें बुलाया करते थे। रात-रात भर गाना बजाना हुआ करता था।
उसी कमरे में उस्ताद साहब आते थे। यही वजह है कि बचपन से ही मन्ना डे को संगीत से लगाव था।