भोजपुरी को अश्लीलता से मुक्त कर साफ सुथरे गानों से मनोरंजन आज के दर्शकों की पहली चाहता है
भोजपुरी को अश्लीलता से मुक्त कर साफ सुथरे गानों से मनोरंजन आज के दर्शकों की पहली चाहता है. भोजपुरी कलाकारों को यह समझना पड़ेगा कि भोजपुरी का मतलब सिर्फ अश्लीलता नहीं है,
बल्कि पारंपरिक गाने आज भी हमारे संस्कार में बसे हैं.
यह बातें भोजपुरी गायक अजीत आनंद ने अपने नए गाने ‘धन बाड़ ए जानू धन बाड़’ हो के रिलीज होने के बाद कही.
बता दें कि अजीत आनंद इस गाने की रिलीज के बाद अपने गांव आए हुए हैं और यहां ही उन्होंने इस बात का जिक्र किया.
ऐसे में गायक अजीत आनंद ने बताया कि यह मात्र एक प्रयोग है. यह गाना और इस गाने को पसन्द कर रहे भोजपुरी स्रोता इसे अश्लीलता के विरुद्ध एक संदेश मान रहे हैं.
गायक अजीत आनंद ने बताया कि भोजपुरी के दर्शक और स्रोता ऐसे गाने नहीं होने की वजह से भोजपुरी के गानों को द्विअर्थी संवाद और अश्लील गाने को ही भोजपुरी गाना समझते थे.
जिस कारण व्यवसायिक युग में कोई कलाकार साफ सुथरे गाने गाकर अपने समय को बर्वाद नहीं करना चाहता है.
मैंने संकल्प लिया हु की भोजपुरी समाज को साफ सुथरा गाना ही परोसुंगा और आज जो लोगो का प्यार मिल रहा है वो बदलाव के संकेत है