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भास्कर न्यूज | झुंझुनूं होम्योपैथी के जनक डॉ. क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैमुअल हेनिमेन की 270वीं जयंती विश्व होम्योपैथी दिवस के रूप में मनाई

भास्कर न्यूज | झुंझुनूं होम्योपैथी के जनक डॉ. क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैमुअल हेनिमेन की 270वीं जयंती विश्व होम्योपैथी दिवस के रूप में मनाई।

होम्योपैथिक डॉक्टर्स ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और हेनीमैन के मार्गदर्शन पर चलने की शपथ ली।

डाक्टर्स ने होम्योपैथिक पद्धति के बारे में जानकारी दी।

इस दौरान डॉ. आरिफ मिर्जा, डॉ. श्याम प्रताप शर्मा, डॉ. अनुकूल चौधरी, डॉ. सत्येंद्र राहड़, डॉ. राहुल डिग्रवाल, डॉ. राजवीर बेसरवाल, डॉ. वसीम रजा, डॉ. फरीद आलम, डॉ. मोहम्मद अकरम, डॉ. सैयद शकील आदि मौजूद थे।

जर्मन स्विस केमिस्ट क्रिश्चियन फ्रेडरिक स्कोन्बीन को नए-नए प्रयोग करना काफी पसंद था।

वह अक्सर घर में ही प्रयोग करने बैठ जाते।

इस कारण कई बार नुकसान भी होता।

उनकी पत्नी जब देखतीं कि घर के कीमती सामान को नुकसान पहुंच रहा है तो वह क्रोधित होकर बोलतीं, ‘इतना तो आप कमाते भी नहीं हैं जितना आलतू-फालतू के काम करके गंवा देते हैं।

सामान का नुकसान करते हैं सो अलग।’

मगर स्कोन्बीन पर इन सबका कोई असर नहीं होता।

वह चुपचाप अपने काम में लगे रहते।

उन्हें पता था कि बहस करने का अर्थ होगा दिन खराब करना।

पत्नी सही थीं,

लेकिन वह भी क्या करते, उन्हें नई-नई खोजें करने का जुनून था। एक दिन पत्नी की अनुपस्थिति में वह प्रयोग के सामान लेकर काम में जुट गए।

सहसा कुछ मिश्रण किचन टेबल पर छलक गया।

यह देखते ही स्कोन्बीन की सांस अटक गई कि अब पत्नी की डांट से बचना नामुमकिन है।

उन्होंने तुरंत एक सूती एप्रन उठाई, टेबल पर छलके द्रव को साफ किया और एप्रन को आग के पास सूखने के लिए टांग दिया।

अचानक एक जोरदार विस्फोट हुआ।

यह देखकर स्कोन्बीन दंग रह गए। उन्होंने मिश्रण की तरफ ध्यान दिया तो समझ गए कि सूती कपड़े से कुछ केमिकल लोचा हुआ,

जिससे यह विस्फोट हुआ। दरअसल, अनजाने में ही स्कोन्बीन ने नाइट्रोसेल्युलोज का आविष्कार कर दिया था।

इसी को गन-कॉटन कहा गया।

इसके बाद स्कोन्बीन अपने इस आविष्कार को बेचने लगे।

उनके इस आविष्कार की बाजार में काफी सराहना हुई।

इस आविष्कार से उनके घर के हालात बदल गए और वे आर्थिक रूप से काफी समर्थ हो गए।

उनकी पत्नी को भी अहसास हो गया कि स्कोन्बीन नए-नए प्रयोग करने की अपनी धुन के कारण ही कामयाबी की मंजिल तक पहुंच पाए।

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